IPL 2022: आईपीएल शुरू होने से पहले ही बैन हो सकती है अहमदाबाद की फ्रेंचाइजी, ये नई टीम ले सकती है उनकी जगह
आईपीएल 2022: इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें संस्करण में 10 टीमें शामिल होने जा रही हैं, जिसमे इस बार दो नई टीमें जुड़ने वाली हैं, जो लखनऊ और अहमदाबाद जैसे शहर से जुड़ी हैं। हालांकि आईपीएल नीलामी से पहले ही अहमदाबाद की टीम की मुसीबत बढ़ गई है, टीम सट्टेबाजी कंपनी से सम्बन्धित है, ऐसे में इस टीम को बीसीसीआई से ऑफिसियल क्लीयरेंस अभी नहीं मिला है। बीसीसीआई फ्रेंचाइजी को आईपीएल में शामिल करने के लिए जरूरी कागजात देती है, जो अभी तक अहमदाबाद की टीम को नहीं मिला है, ऐसे में टीम पर शुरू करने से पहले ही बैन होने का खतरा मंडरा रहा है।
अहमदाबाद की फ्रेंचाइजी को नही मिला है लेटर ऑफ इंटेंट
इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें संस्करण में जुड़ने वाली दो नई टीमों को लेटर ऑफ इंटेंट दिया जाना था, जिसमे से लखनऊ की फ्रेंचाइजी को ये लेटर दिया जा चुका है, जबकि अहमदाबाद की टीम को लेटर ऑफ इंटेंट नही दिया गया है। रिपोर्ट्स का ऐसा मानना है कि अहमदाबाद की टीम को ये लेटर फ्रेंचाइजी के सट्टेबाजी के संदेह को लेकर नही दिया गया है। बता दें, कि इस लेटर के मिलने के बाद ही आईपीएल प्रतियोगिता में टीम का आधिकारिक रूप से शुरुआत माना जाएगा।
भारत में बैन है सट्टेबाजी
इंडियन प्रीमियर लीग में इससे पहले भी फिक्सिंग को लेकर कदम उठाए गए हैं। भारत में सट्टेबाजी असंवैधानिक है। अहमदाबाद की टीम के साथ सट्टेबाजों का पैसा लगा है, ऐसी खबरें आ रही हैं। दरअसल अहमदाबाद की टीम को सीवीसी कैपिटल्स नाम की कंपनी ने खरीदा है। लेकिन इस कंपनी में इरेलिया नाम की कंपनी ने अपना पैसा लगाया है। इरेलिया कंपनी सट्टेबाजी से जुड़ी कंपनी बताई जा रही है, इसी वजह से अहमदाबाद की टिमकी मुसीबत बढ़ गई है और अब जांच के बाद ही ये टीम आईपीएल में शामिल हो सकती है।
बीसीसीआई और आईपीएल जी सी के अहमदाबाद के साथ 3 दिसंबर के साथ मीटिंग हो चुकी है, जिसका परिणाम जल्द ही आने वाला है। उम्मीद यही की जा रही है कि अहमदाबाद फ्रेंचाइजी के कहे अनुसार उनका सट्टेबाजों के साथ कोई संपर्क नही है।
क्या आईपीएल से बाहर हो सकती है अहमदाबाद की टीम?
अहमदाबाद की सीवीसी पर लगे आरोप अगर सही साबित भी हो जाते हैं, तो उस वजह से अहमदाबाद फ्रेंचाइजी कंपनी से अधिकार वापस लेकर उस कंपनी को दे देगी, जोकि टेंडर के दौरान दूसरे नंबर पर थी। सीवीसी कैपिटल्स ने अहमदाबाद की टीम को 5625 करोड़ रुपये में खरीदी थी। दूसरे नंबर पर अडानी ने बोली लगाई थी। सीवीसी की तरफ से लगातार ये बात कही जा रही है कि इरेलिया कम्पनी भारत से ताल्लुक नही रखती है, इसलिए चिंता की कोई बात नही है।
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