Data Patterns IPO : अच्छे सब्सक्रिप्शन और जीएमपी से मिल रहे मजबूत लिस्टिंग के संकेत, अलॉटमेंट डेट तय होना बाकी
Data Patterns IPO: डाटा पैटर्न्स के 588.22 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू के लिए बिडिंग 16 दिसंबर, 2021 को बंद हो गई और अब सभी की नजरें शेयर अलॉटमेंट डेट पर टिकी हुई हैं। 3 दिन चले सब्सक्रिप्शन के दौरान, पब्लिक ऑफर 119.62 गुना सब्सक्राइब हुआ, वहीं रिटेल पोर्शन 23.14 गुना सब्सक्राइब हुआ। इनवेस्टर्स की तरफ से मिली अच्छी प्रतिक्रिया के बाद, ग्रे मार्केट भी इस पब्लिक इश्यू के लिए खासा बूलिश नजर आ रहा है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, डाटा पैटर्न्स का शेयर आज ग्रे मार्केट में 595 रुपये के प्रीमियम पर उपलब्ध है।
डाटा पैटर्न्स आईपीओ का जीएमपी
बाजार के जानकारों ने कहा कि डाटा पैटर्न्स के आईपीओ का जीएमपी आज 595 रुपये है, जो कल रहे 610 रुपये के जीएमपी से 15 रुपये कम है। उन्होंने सब्सक्रिप्शन बंद होने के बाद जीएमपी में गिरावट सामान्य बात है। लेकिन 15 रुपये की गिरावट से ग्रे मार्केट में पॉजिटिव सेंटिमेंट बने रहने के संकेत मिलते हैं। उन्होंने गिरावट के बावजूद ग्रे मार्केट पब्लिक इश्यू पर मजबूत लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिन से इसका जीएमपी 580 रुपये से 615 रुपये के बीच बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इश्यू के लिए मजबूत सब्सक्रिप्शन की अहम भूमिका है।
मार्केट के जानकारों ने कहा कि जीएमपी निवेशकों को मिलने वाले संभावित लिस्टिंग गेन्स का आइडिया देता है। डाटा पैटर्न्स के आईपीओ का जीएमपी आज 585 रुपये है, जिसका मतलब है कि ग्रे मार्केट उम्मीद कर रहा है कि यह शेयर की 1,180 रुपये (585+595 रुपये) पर लिस्टिंग की उम्मीद कर रहा है। यह कीमत प्रति शेयर 555-585 रुपये के प्राइस बैंड पर 100 फीसदी ज्यादा है।
हालांकि, स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि बिडर्स को जीएमपी की बजाय कंपनी की बैलेंसशीट पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीएमपी एक अनऑफीशियल डाटा है, जिसका कंपनी की बैलेंसशीट से कोई मतलब नहीं है।
581 करोड़ की है ऑर्डर बुक
फंडामेंटल्स पर जोर देते हुए UnlistedArena.com के फाउंडर और दलाल स्ट्रीट के जानकार अभय दोशी ने कहा, “सेक्टर की दूसरी कंपनियों से तुलना करें तो कंपनी के एबिट्डा मार्जिन, आरओई अच्छी स्थिति में हैं। इसकी 581 करोड़ रुपये की अच्छी ऑर्डर बुक है और भारतीय डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनियां उसकी क्लाइंट हैं। वैल्युएशन की बात करें तो वित्त वर्ष 21 की अर्निंग्स के आधार पर उसका पी/ई लगभग 55 गुना (पोस्ट इश्यू) है। डिफेंस सेक्टर पर सरकार का खर्च बढ़ने से और ‘मेक इन इंडिया’ पहल से उसे फायदा होगा। हाल में डिफेंस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की मजबूत लिस्टिंग भी इसके लिए अच्छे संकेत देती ह
इनोवेशन पर केंद्रित है बिजनेस मॉडल
अभय दोशी के समान राय देते हुए ट्रस्टलाइन सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट अंकुर सारस्वत ने कहा, “डाटा पैटर्न्स का बिजनेस मॉडल इनोवेशन पर केंद्रित है और उसके पोर्टफोलियो में बेहद महंगे एडवांस प्रोडक्ट्स शामिल हैं। प्रतिष्ठित क्लाइंट्स से जुड़ी उसकी मजबूत ऑर्डर, प्रॉफिटेबेल ग्रोथ का ट्रैक रिकॉर्ड उसे मेक इन इंडिया का फायदा होने के संकेत देते हैं।”
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