पहले फ़ोन्स में नार्मल सिम प्रयोग होती थी, उसके बाद जैसे जैसे फ़ोन स्मार्ट होते गए वैसे वैसे सिम कार्ड का साइज भी छोटा होता चला गया! मिनीसिम उसके बाद नैनो सिम उसके बाद माइक्रो सिम प्रयोग होने लग गयी ऐसा इसीलिए हुआ की फ़ोन्स को सिम के लिए ज्यादा स्पेस नहीं देना पड़ता जो फ़ोन को पतला बनाने में मदद करता है! सिम कार्ड में सिर्फ एक चिप होती है जिसका नाम है इंटीग्रेटेड सिम चिप सिर्फ वही सिम को पहचानने का काम करती है अलग अलगऑपरेटर की डिटेल्स इसमें सेव होती है जिस ऑपरेटर की सिम होती है उसी से यह रजिस्टरहोती है और फ़ोन में काम करती है!
आने वाले टाइम में यह चिप फ़ोन में ही सोल्ड हुई आएगी, जिससे अगल से सिम कार्ड डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इसे दुबारा भी लिखा जा सकेगा जिसकी मदद से आप कोई भी ऑपरेटर बिना सिम कार्ड बदले चुन सकते हो बस उसके लिए आपको अपनी इ केवाईसी करवाने के बाद एक पिन और पुक कोड दिया जायेगा और आप दूसरे ऑपरेटर में जा सकते है हो सकता है, हो सकते है की आने वाले दो या तीन सालों में ई सिम का प्रयोग होने लग जाये और फ़ोन्स में सिम कार्ड डालने का झंझट ही खत्म हो जाये!
तो दोस्तों आपकी ई सिम के बारे में क्या रे है हमें कमेंट में बताये और पोस्ट अच्छी लगी हो तो हमें फॉलो करें!
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